ALL TN Comp Exams Prep

📢 Join us on Telegram: @exampreptn for Daily Updates!
The Website contains more than 2,00,000 questions. For each test, new questions are loaded.

November 11, 2025 विज्ञान और प्रौद्योगिकी अपडेट इंडिया: भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाएं और नवाचार में प्रगति

भारत ने हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व पर जोर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर ने 2047 तक भारत को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विश्व स्तरीय शक्ति बनाने की देश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला है। इस दिशा में, ₹1 ट्रिलियन का अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना कोष लॉन्च किया गया है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा केंद्रों में नवाचार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत अंतरिक्ष अन्वेषण में भी सक्रिय है, आदित्य-एल1 मिशन सौर घटनाओं पर नज़र रख रहा है और खगोलविद एक रहस्यमय अंतरतारकीय वस्तु 3I/एटलस का अध्ययन कर रहे हैं।

भारत अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार और विश्व स्तर पर प्रभावशाली बनना है। हाल के घटनाक्रम देश की नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और रणनीतिक गहरे-तकनीकी क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।

नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रमुख पहल

भारत सरकार ने अनुसंधान और विकास (R&D) में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ₹1 ट्रिलियन (लगभग 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना कोष लॉन्च किया गया है। यह कोष सेमीकंडक्टर, 6G और भविष्य के नेटवर्क, क्वांटम सिस्टम, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, जलवायु और ऊर्जा समाधान, AI-संचालित स्वास्थ्य सेवा, बायोमैन्युफैक्चरिंग, उन्नत चिकित्सा उपकरण और डिजिटल कृषि सहित रणनीतिक गहरे-तकनीकी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के R&D को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव अभय करंदीकर के अनुसार, भारत दुनिया में IPv6 पर 5G का दूसरा सबसे बड़ा परिनियोजक है और अब एक जीवंत 6G अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी यात्रा के एक निर्णायक चरण को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य केवल अनुसंधान उत्पादन का विस्तार करना नहीं, बल्कि एक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जो विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आर्थिक रूप से प्रभावशाली हो।

जैव प्रौद्योगिकी में नेतृत्व

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत पहले ही जैव प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित अगली औद्योगिक क्रांति में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने भारत की विशिष्ट जैव प्रौद्योगिकी नीति, BiOE3, और देश की बढ़ती जैव-अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला, जो 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 130 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई है और आने वाले वर्षों में 300 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। BRIC–BIRAC एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस (EIR) कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया, जो युवा नवोन्मेषकों को अत्याधुनिक जैव-तकनीकी विचारों को सफल उद्यमों में बदलने में सशक्त करेगा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा केंद्र

भारत AI और डेटा केंद्र क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसका लक्ष्य डेटा-संचालित नवाचार के लिए एक वैश्विक केंद्र बनना है। मुंबई को 2025 में डेटा केंद्र निर्माण के लिए दुनिया के दूसरे सबसे अधिक लागत प्रभावी शहर के रूप में स्थान दिया गया है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बाद सबसे बड़े डेटा केंद्र बाजारों में से एक है। हैदराबाद भी एक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां स्टाररेज़ जैसी कंपनियां AI-संचालित नवाचार और डेटा इंटेलिजेंस के लिए वैश्विक केंद्र खोल रही हैं।

अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान में विकास

भारत का आदित्य-एल1 मिशन कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) जैसी सौर घटनाओं पर नज़र रख रहा है, जो सौर गतिशीलता को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, खगोलविद एक रहस्यमय अंतरतारकीय वस्तु 3I/एटलस का अध्ययन कर रहे हैं, जिसने अचानक गति बढ़ाई है और रंग बदल दिया है। नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) इस वस्तु को ट्रैक करना जारी रखेंगी ताकि इसके असामान्य व्यवहार को समझा जा सके।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम

  • भारत इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2025 भारत को विज्ञान में एक वैश्विक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शित करेगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • कार्यात्मक खाद्य पदार्थ और स्मार्ट प्रोटीन भारत की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जैव-तकनीकी समाधानों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Back to All Articles